Image default

भाजपा का राजनीतिक प्रस्ताव जुमलेबाजी का दस्तावेज : राजद

header ads
न्यूज़ सुनने के लिए क्लिक करे

भाजपा का राजनीतिक प्रस्ताव जुमलेबाजी का दस्तावेज : राजद

राजद प्रवक्ता ने कहा कि प्रस्ताव में नकारात्मक भावनाओं के अलावा न कोई दृष्टि है न भविष्य की कोई योजना

 

Spokesperson
R.J.D.Bihar

पटना /बिहार :- राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा पारित राजनीतिक प्रस्ताव को जुमलेबाजी का दस्तावेज बताते हुए, प्रस्ताव में बेरोजगारी के संबंध में दिये गये आंकड़ों को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में आरएसएस के विभाजनकारी और सामाजिक न्याय विरोधी सिद्धांतों को प्रमुखता दी गई है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि प्रस्ताव में एनडीए सरकार के कार्यकाल में छः लाख नौजवानों को नौकरी देने का दावा किया गया है । इससे बड़ा झूठ कुछ हो हीं नहीं सकता है। सबसे अधिक नियोजन वाले शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में अभी 60 प्रतिशत से 70 प्रतिशत पद रिक्त हैं। जिस सवा लाख शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया का जिक्र किया गया है वह सरकार का पंचवर्षीय योजना बन कर रह गई है। यही हाल स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों की है।
एनडीए सरकार के पिछले 16 वर्षों के कार्यकाल में नियुक्ति के नाम पर बेरोजगार नौजवानों का केवल मानसिक और आर्थिक रूप से शोषण और दोहन किया गया। जो नियुक्तियां भी हुई उसमें बड़े पैमाने पर कदाचार और धांधली की गई । बिहार से पलायन करने वालों की संख्या दो सौ प्रतिशत से ढाई सौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
राजद प्रवक्ता श्री चित्तरंजन गगन ने कहा कि प्रस्ताव में नकारात्मक भावनाओं के अलावा न कोई दृष्टि है न भविष्य की कोई योजना। कोरोना जैसे महामारी में सरकारी विफलता, वैक्सीनेशन की शिथिलता, बढती महंगाई, बदतर कानून व्यवस्था, बाढ की त्रासदी, आर्थिक पिछड़ापन जैसे मूल समस्याओं की कोई सार्थक चर्चा राजनीतिक प्रस्ताव में नहीं है।

बता दें कि भाजपा ने रविवार को हुए कार्य समिति की बैठक के बाद सात पन्नों का राजनीतिक प्रस्ताव जारी किया था जो निम्नलिखित है :- 

 भाजपा का  राजनीतिक प्रस्ताव

माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने देश भर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं | आज़ादी के बाद से ही लंबित कई आर्थिक,राजनीतिक   तथा सामाजिक नीतियों में सुधार किया है, जिससे जनता के मन में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व के प्रति विश्वास का संचार हुआ है | कांग्रेस तथा उसके इकोसिस्टम के प्रभाव में काम करने वाले राजद जैसे राजनीतिक  दलों ने स्वार्थवश तथा वोट बैंक के राजनीति के  तहत अति आवश्यक सुधार कार्यक्रमों से इस देश को वंचित रखा था और उनकी मंशा हमेशा से यह रही है कि भारत कभी अपने पैरों पर खडा नहीं हो सके |

आर्थिक-सामाजिक सुधार इस देश के प्रमुख एजेंडे से हमेशा ही गायब दिखता रहा क्योंकि गरीबों की राजनीति करने वाले ये दल कभी देश को उनकी मूलभूत समस्याओं से मुक्त ही नहीं करना चाहते हैं | कोरोना कालखंड ने सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के कई देशों को यह टटोलने का मौक़ा दिया कि वो अपनी पूर्व की गलतियों से कुछ सीखकर जनसरोकार की नीतियों की तरफ मुखर हों | विपक्ष दलों ने हमारे देश के गौरवशाली अतीत पर आधारित सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के आह्वान को नाजीवादी तथा फासीवादी बताकर ना सिर्फ हमारे अतीत से दूर करने की कोशिश की है बल्कि भविष्य में भी आत्मनिर्भर ना बन सके इसकी कोशिश करते रहे हैं |

आज जब वैश्वीकरण के दौर में पहले महामारी ने दुनिया भर में दस्तक दी है तबसे कई देशों ने अपनी आर्थिक नीतियों में आवश्यक बदलाव लाने की कोशिश की है | भारत जैसे देश में जहाँ इतनी बड़ी आबादी है, हमने दशकों तक कांग्रेस के नेतृत्व में खोखले साम्यवाद के नीति पर अनुसरण किया, इसका नतीजा हुआ की 1990 आते आते जब दुनिया एकीकृत वैश्विक व्यवस्था के तरफ बढ़ी जिससे कि हमारी अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गयी | हमारा भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ़ पेमेंट क्राइसिस) बिगड़ गया | गरीबी हटाओ के दशकों पुराने नारे ने ना सिर्फ गरीबों को ही हटा देने की स्थिति बना दी बल्कि हमारी कमजोर आर्थिक स्थिति को जगजाहिर कर दिया था |

इसी क्रम में सामाजिक सुधारों कि मांगों तथा उसकी आवश्यकताओं को भी नजरअंदाज करने का परिणाम हुआ कि देश में शाह बानो जैसी करोड़ों महिलाओं के उचित मांगों को भी दरकिनार कर दिया गया | कांग्रेस, राजद, सपा, तृणमूल जैसे राजनीतिक दलों के वोट बैंक गढ़े जाने लगे और धीरे-धीरे आवश्यक तथा बेहद महत्वपूर्ण संसोधनों को भी नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे आज देशभर में कई स्थानों पर डेमोग्राफिक बदलाव हो गए हैं और जनसँख्या संतुलन खतरे में है |

वर्ष 2014 में मा. नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हमने इस दिशा में आवश्यक परिवर्तन लाने का कार्य शुरू किया है और हमें गर्व है की तीन तलाक, धारा 370, राम मंदिर जैसे बेहद पेचीदे मसलों को बिना विवाद के सुलझा दिया है | आर्थिक नीतियों में भी सभी आवश्यक परिवर्तनों की आहट स्पष्ट सुनायी एवं दिखायी पड़ने लगी है | 2014 में ही हम ‘मेक इन इंडिया’ जैसी महत्वाकांक्षी कार्यक्रम लेकर आये थे, जिससे भारत में निर्माण तथा उत्पादन के क्षेत्र परिवर्तन आये हैं | आत्मनिर्भर भारत अभियान हम 2020 के मध्य में लेकर आये जब दुनिया कोरोना से बुरी तरह प्रभावित थी और यह महसूस हुआ कि भारत की आर्थिक व्यवस्थाएं वैश्विक व्यवस्थाओं के चरमराने के बाद भी अक्षुण्ण रहें |

आर्थिक क्षेत्र में भारत ने विगत 6-7 वर्षों में शानदार प्रगति हासिल किया है | इसके मूल में केंद्र सरकार की कई नीतियों तथा योजनाओं में मौलिक परिवर्तन है | कांग्रेस के कालखंड में आर्थिक तंत्र पूरी तरह से आग्रही था जिसे मोदी जी के सरकार ने सकारात्मक बनाया है और आज हम दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं | प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत नव-उत्थान का मार्ग चुना है और आज भारत दुनिया के विकसित देशों की श्रेणी में स्थान पाने की और तेजी से बढ़ रहा है | मेक इन इंडिया की नीति से आगे बढ़ते हुए हम आज आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ आगे बढ़ रहे हैं और इसी क्रम में विश्व के बड़े निवेशकों ने उत्पादन तथा निर्माण के क्षेत्र में भारत को चुना है | आपको यह जानकर ख़ुशी होगी की भारत में 2019-2020 के 49.99 बिलियन डॉलर्स के मुकाबले 2020-2021 में हमारे देश में 59.64 बिलियन डॉलर निवेश हुआ है | कोरोना महामारी ने जरुर हमारे रफ़्तार को कमजोर करने का काम किया है लेकिन यह सबसे हर्ष देने वाला विषय है की दुनिया का विश्वास भारत में बढ़ा है |

बिहार ने भी अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं | नयी सरकार के गठन के बाद से हम लगातार कई क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं | चंपारण, मुजफ्फरपुर, खगडिया तथा बक्सर नए औद्योगिक केंद्र बन रहे हैं, जिनमें टेक्सटाइल, गारमेंट्स, फ़ूड पार्क्स, इत्यादि के क्षेत्र में बिहार को लगभग करोड़ों के नए निवेश मिल रहे हैं और अगले 3 वर्षों में अलग अलग चरणों में 2 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर आयेंगे |

बिहार में नए उद्योगों की स्थापना की तैयारी पूरे जोर पर है | एथनोल उत्पादन केन्द्रों को राज्य के सभी 38 जिलों में तक ले जाने का प्रस्ताव आ गया है | इसके लिए नयी औद्योगिक नीति भी बनायी गयी है जिसमें द्रुत गति से इसपर काम होना तय हुआ है | इसके लिए हम राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद की स्थापना करके तथा इसके साथ साथ निवेश के प्रपोजल को एकल खिड़की के माध्यम से जल्द ही स्वीकार्यता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है | सबसे ख़ुशी की बात है कि  हमें इसके लिए जल्द ही 30 नए निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं |

इन मंझले तथा एकल इकाई के उद्योगों के अलावे हम बिहार के युवाओं तथा महिलाओं के नयी नीति भी लेकर आये हैं | इस नीति के तहत हम हर वर्ग के लोगों को 10 लाख की मदद देने की प्रक्रिया प्रारम्भ की हैं, जिसमें 5 लाख का पूर्ण अनुदान होगा तथा शेष पांच लाख ऋण के रूप में प्रदान करने की नीति बनी है | समाज के कमजोर वर्ग के लोग जिनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा तथा प्रदेश के महिलाओं को ऋण ब्याज मुक्त रहेगा तथा अन्य वर्गों मात्र 1 % के दर पर यह व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी |

रोजगार का विषय विगत विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण मुद्दा बन कर उभरा था | एनडीए की सरकार ने 2005 के बाद से सरकारी क्षेत्र में 6 लाख से ज्यादा नौकरियां उपलब्ध करायी हैं और नयी सरकार के गठन के बाद 2 महीने में ही बीपीएससी, दारोगा, शिक्षकों की नियुक्तियां पर काम किया हैं | हमने अपने घोषणापत्र में स्वास्थ्य तथा शिक्षा विभाग के अंतर्गत बड़े संख्या में नौकरियां देने की बात कही थी और यह स्पस्ट है की हम इस दिशा में बड़े कदम उठा रहें हैं, जिनमें शिक्षा विभाग में 1.25 लाख तथा स्वास्थ्य विभाग में 30 हजार नयी नियुक्तियां होनी तय हुई हैं |

सरकार नए प्रतिभाओं को मौक़ा देने के लिए तीन नए विश्वविद्यालय की स्थापना करने का प्रावधान किया है | राज्य में चिकित्सा तथा अभियांत्रिकी महाविद्यालय बनेगा एवं उसके साथ ही एक वैश्विक स्तर का खेल तथा कला विश्वविद्यालय भी बनाने का निर्णय लिया गया है | यह दूरगामी फैसला भविष्य के बिहार की मजबूत नींव साबित होगी |

इसी प्रकार सामाजिक क्षेत्र में भारत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बड़े परिवर्तन आ रहे हैं | पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गाँधी के नेतृत्व में चल रही सरकार के सामने 1986 में एक बड़ा मौक़ा आया था जब सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा था की शाह बानो को भी हिन्दू समाज की महिलाओं की भाँती तलाकशुदा पति से आजीविका हर्जाना पाने का अधिकार है, लेकिन तब राजीव गाँधी ने अपनी तुष्टिकरण के नीति के तहत वह फैसला संसद में पलट दिया जिससे आवश्यक सामाजिक सुधार नहीं हो सका था | आज देश में समान नागरिक संहिता की मांग है, क्योंकि कांग्रेस, राजद, सपा, तृणमूल, डीएमके, मुस्लिम लीग जैसे दल इसी तुष्टिकरण के नीतियों पर चल रहे हैं और पोषित हो रहे हैं | हमारी केंद्र की सरकार ने इस विषय पर बेहतरीन कार्य करते हुए भारत से तीन तलाक कानून सदा के लिए खत्म कर दिया है तथा विधि मंत्रालय से भविष्य के लिए भी इस प्रकार के संभावित सुधारों के दस्तावेज तैयार करने को कहा है | नागरिकता कानून में भी बदलाव किये गए हैं और अब दक्षिण एशिया के लगभग सभी पडोसी देशों में बेहद कष्टमय जीवन जीने को अभिशप्त हिन्दू,  सिख, इसाई, जैन तथा पारसी जैसे अल्पसंख्यक धर्मावलम्बियों के लिए भारत की सरहदें खोल दी हैं | विगत महीने गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब तथा हरियाणा में विस्थापित लोगों को नागरिकता दिए गए हैं |

केंद्र तथा बिहार की राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है | सुकन्या समृधि,उज्ज्वला योजना, माता वंदन योजनाओं के माध्यम ने जहाँ केंद्र करोड़ों महिलाओं के जीवन प्रकाश लाने का काम किया है वहीँ बिहार सरकार ने कई ऐसे प्रावधान किये हैं जिससे ना सिर्फ महिलाओं का नेतृत्व विकसित हुआ है बल्कि तथा समाज के कई महत्वपूर्ण पदों पर वो काम कर रही हैं | पंचायत, जिला परिषद् में हमने उन्हें आरक्षण दिया है, सरकारी सेवाओं में 35 % आरक्षण दिया, अभियांत्रिकी तथा मेडिकल के प्रवेश परीक्षाओं में उन्हें 33 % आरक्षण दिया है | जीविका समूहों के गठन और उनका आर्थिक समायोजन पूर्व से ही हमारे घोषणापत्र का हिस्सा रहा है उसमें भी हमने करोड़ों महिलाओं को स्वावलंबी बनाया है | अगले 2 वर्षों में 1 करोड़ नयी महिलाओं को हम इस व्यवस्था से जोड़ेंगे |

कोरोना के दोनों चरणों में बिहार सरकार ने अपने सीमित आर्थिक संसाधन तथा केंद्र सरकार के मदद तथा प्रोत्साहन से अपने नागरिकों को आरोग्य्वान बनाने की भरपूर कोशिश की है | प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है की हम एक दुनिया भर के उन 5 देशों के क्लब में शामिल है जिन्होंने कोरोना के टीके का निर्माण करने में सफलता पायी है | आत्मनिर्भर भारत अभियान का इससे बेहतरीन शुरुआत नहीं हो सकती थी | हमारे राजनीतिक विरोधी भारतीय टीके तथा टीकाकरण अभियान को हतोत्साहित करने में कोई कमी नहीं की है, लेकिन केंद्र तथा राज्य सरकार के जनसरोकार की नीतियों की वजह से आज देश में टीकाकरण में दुनिया में सबसे आगे हैं | बिहार में हमने चुनाव के पूर्व यानी अपने घोषणापत्र में ही प्रदेश के सभी निवासियों के लिए मुफ्त में टीकाकरण की बात कही थी, लेकिन अब यूनिवर्सल टीकाकरण अभियान के तहत केंद्र से इस मद में बड़ी सहायता मिल सकेगी |

बिहार को केंद्र सरकार ने भी हर कदम पर जरुरी सहायता उपलब्ध करायी है | केंद्र ने 650 वेंटीलेटर, 4500 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर,रेडमीशिविर,टोस्लीजम्ब इंजेक्शन सहित सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करायी हैं | कोरोना के पूर्व बिहार में ऑक्सीजन की डिमांड मात्र 16 मी.टन थी जिसे केंद्र ने बढाकर 272 मी.टन. किया जिसके लिए बिहार की जनता प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद देती है | बिहार में कुल 119 पीएसए प्लांट लगाने का कार्य हो रहा है जिसमें 71 प्लांट हम केंद्र की सहायता से लगा रहे हैं |

बिहार सरकार ने पूरी मुस्तैदी से कोरोना के द्वितीय चरण में आम लोगों को सहायता प्रदान करने किया है | आज टीकाकरण में बिहार देश में 8 वें नम्बर पर हैं तथा बिहार में संक्रमण दर मात्र 0.19% रह गयी है तथा रिकवरी दर देश से 3 % ज्यादा है | मरीजों की संख्या में बिहार आज देश में 23 वें स्थान पर है, जो दिखाता है बिहार ने सीमित संसाधनों के वावजूद देश के अग्रणी राज्यों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है |

कोरोना संक्रमण में जब कमी आयी तब से ही देश में अचानक ब्लैक फंगस का प्रकोप फ़ैल गया था और देश के कई राज्य इससे पीड़ित दिखायी पड़ने लगे थे | यह बीमारी कोरोना के प्रभाव तथा उसकी मारक क्षमता को प्रदर्शित करती है | लेकिन बिहार में इसका प्रभाव अन्य राज्यों के मुकाबले थोड़ा कम पडा क्योंकि इसके लिए जो जरुरी संसाधन थे उसे बिहार की सरकार ने तत्परता से आपूर्ति कर लिया था | इसके लिए आवश्यक दवाई अम्फोबटेरेसीन की उपलब्धता सुनिश्चित किया गया और जितने भी मरीज इस बिमारी से पीड़ित मिले उनके समुचित इलाज का प्रबंध किया |

बिहार देश का एक मात्र ऐसा राज्य है जो आपदा के इस कालखंड में काल को ग्रसित हुए सभी निवासियों के परिवारजन को 4 लाख की सहायता राशि दे रहा है | इसके अलावे अपने नियमित स्वास्थ्य कर्मचारियों को एक महीने की सैलेरी तथा अन्य भत्ता देने का प्रावधान किया है तथा इसके कोरोना महामारी से असमय मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों के बच्चों को बिहार सरकार “बाल सहायता योजना के माध्यम से 1500 रूपए की सहायता राशि भी देगी |

कोरोना के अलावा भी बिहार में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है | राज्य के सभी जिला अस्पतालों में बेहतर स्वास्थय सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं और बहुत सारे जिलों में अस्पताल आधुनिक तथा वैश्विक स्तर के सुविधाओं से लैश किये जा रहे हैं | प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना के अंतर्गत देशभर के स्वास्थय क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर उत्कृष्ट  स्तर का बनाया जा रहा है | राज्य के सभी 38 जिलों में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित की जा रही है ताकि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज़ स्थानीय जिला अस्पताल के स्तर पर ही की जा सके |

इसके अलावे राज्य की सरकार ने यह निर्णय लिया है की हम राज्य के ग्रामीण अंचलों में अवस्थित सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों तक बेहतर इलाज की व्यवस्था करेंगे, इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं की समयानुकूल तथा समयावधि में पूरा करेंगे |

केंद्र तथा राज्य की सरकार समाज के कमजोर लोगों तक डीबीटी के माध्यम से अनेकों योजनाओं के तहत सहायता प्रदान कर रही है | कांग्रेस तथा उसके इकोसिस्टम से प्रभावित अन्य राजनीतिक दलों में भ्रस्टाचार के जो रास्ते खोल रखे थे हम उन्हें बंद के सभी उपाय पूर्व में क्र चुकें हैं और अब गरीब वर्ग को किसी प्रकार से शोषित नहीं किया जा सकता है | पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी हम समाज के सभी वर्गों को नवम्बर तक का मुफ्त खाद्यान उपलब्ध कराने का निर्णय हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ले लिया है और इस पर तेजी से काम भी चल रहा है | बिहार सरकार ने भी अपने स्तर पर मई के महीने जब कोरोना का द्वितीय चरण अपने चरम पर था तब राज्य के सभी गरीब तथा जरूरतमंद लोगों तक राशन की व्यवस्था उपलब्ध करायी थी |

कोरोना के अलावे बिहार लगातार बाढ़ तथा सुखाड से प्रभावित रहता आया है | पिछले वर्ष बिहार सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को 6 हजार रूपए की सहायता राशि उपलब्ध करायी थी और इस वर्ष भी इस स्थिति को नियंत्रित करने के लियी आश्यक कार्यवाही की जायेगी | गंडक, कोशी बागमती आदि नदियों पर बड़े बाँध बनाये गए हैं और जहाँ भी जरुरत होती है सरकार नदियों के कटाव को देखते हुए आवश्यक कदम उठा रही है |

देश तथा राज्य के विकास में बेहतर नगरीय संरचनाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है | राजद के शासनकाल में असंगठित संरचनाओं के मकडजाल में बिहार फस गया था | एनडीए के सरकार ने इस दिशा में कई महत्पूर्ण निर्णय लिए हैं | इसके लिए सर्वप्रथम हमने बिहार की नगरीय आबादी क्षेत्र को विस्तारित किया एवं नगर निकायों की संख्या जो पूर्व में 142 थीं उन्हें बढ़ा कर 258  कर दिया है | इससे नगरीय व्यवस्था में संतुलन बनेगा और बिहार के शहरों का व्यवस्थित प्लानिंग तथा संरचना विकसित होगी |

इस कार्य योजना के अनुरूपता में हम बिहार के शहरों में सम्राट अशोक भवन का निर्माण, स्ट्रौम वाटर ड्रेनेज सिस्टम, सड़कों एवं नालियों का निर्माण, ठोस तथा तरल अवशिष्ट प्रबंधन, भूमिहीन परिवारों को बहुमंजिला मकान, वृद्ध जनों के लिए आश्रय स्थल एवं मोक्ष धाम का निर्माण किया जा रहा है |

बिहार में हरित पट्टी को विकसित करने हेतु वन एवं पर्यावरण विभाग के द्वारा 5 करोड़ वृक्षों का रोपण किया जा रहा है, हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचे इसपर हम तेज गति से काम कर रहे हैं | “आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय” कार्य योजना के हरेक हिस्से पर काम शुरू हो गया है, जिसका व्यापक प्रभाव आने वाले दिनों में हम सभी देख सकेंगे |

इन सारी सफलताओं पर विपक्ष की नजर नहीं पड़ती है, क्योंकि बिहार सहित देश के  राजनीतिक दलों में युवराजों ने गद्दी संभाल ली है | पिता के विरासत पर विकसित हुए नेतृत्व जो स्वयं में अनुभवहीन है, जिसने सामाजिक संरचना को ना देखा है ना समझा उन्हें सामाजिक स्थिति, नीति निर्माण के मौलिक तत्वों के जानकारी का अभाव बिलकुल संभव है | राहुल गाँधी जिस टूलकिट को प्रकाशित करते हैं, उसे ही नीति मानकर देश के अन्य क्षेत्रीय दलों के नेता भी उनका अनुसरण करने लगते हैं |

बिहार के युवराज पुरे विपदा काल में जनता से दूर कहीं छिप कर जीवन का आनंद लेते हैं फिर अचानक कहीं से प्रकट होकर सरकारी आवास को कोरोना आइसोलेशन सेंटर बनाने की मांग करने लगते हैं, क्योंकि उन्हें नियमों की जानकारी भी नहीं होती बस मीडिया तथा सोशल मीडिया में एक तमाशा खडा करने का मकसद रहता है |

बिहार की जनता ना सिर्फ कोरोना कालखंड में बल्कि अन्य सामान्य दिनों में भी एनडीए की प्रदेश सरकार तथा नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार से संतुष्ट है | विश्व की सबसे बड़ी जनभावना को पढने वाली मोर्निंग कंसल्ट नाम की एक वैश्विक संस्था ने दुनिया भर के नेताओं का सर्वे किया है जिसमें हमारे प्रधानमंत्री जी को सर्वश्रेष्ठ नेता का खिताब मिला है | भारत के सभी वर्ग, सभी राज्य के लोगों ने माना है की नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने इस कोरोना कालखंड में देश को उचित दिशा दी है |

जनभावनाओं को ना समझने वाले नेताओं को देश तथा प्रदेश की जनता लगातार सबक सीखा रही है और उन्हें राजनीतिक निर्वासन में रखती आयी है | राजद तथा कांग्रेस जैसे दलों को जनभावनाओं को समझने की क्षमता विकसित करनी चाहिए |

हमारी सफल आर्थिक-सामाजिक नीतियों के दम पर हम जनता के दिलों पर कायम रहेंगे टीकाकरण अभियान की सफलता के लिए हम केंद्र तथा राज्य सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं |

header ads

Related posts

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाने का है अनुकूल समय :  राजद 

Newspointhindi

वैक्सीनेशन पर राहुल को कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं: भाजपा

Newspointhindi

एक्शन में पूर्णिया पुलिस

Newspointhindi

महिसारी पोखर में डूबने से एक बच्चे की मौत

Newspointhindi

बिहार में आनंद मोहन की रिहाई की मांग हो रही तेज

Newspointhindi

कोविड 19 संक्रमण से बचाव को लेकर मास्क खरीदारी और वितरण में सरकारी निर्देशो की उड़ाई जा रही है धज्जियां

Newspointhindi

Leave a Comment