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डीएम ने डेंगू से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये

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डीएम ने डेंगू से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये

डीएम उदिता सिंह

लालू प्रसाद यादव ( संवाददाता, नवादा )

नवादा:- जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह की अध्यक्षता में आज समाहरणालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा हुई। उन्होंने डेंगू से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि रोगियों की जाॅच के उपरान्त डेंगू का लक्षण होने पर सरकार के गाइड लाईन के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।

सिविल सर्जन डाॅ0 निर्मला कुमारी ने कहा कि सदर अस्पताल के अलावे सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डेंगू की जाॅच किट के माध्यम से की जा रही है। सदर हाॅस्पीटल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आदि किसी भी स्वास्थ्य केन्द्रों में डेंगू से किसी भी मरीज की मरने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि डंेगू रोगी के घरों के सभी परिवार के सदस्यों को जाॅच की जा रही है। अन्सार नगर और मिर्जापुर में डेंगू रोग का फैलाव अधिक हुआ है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि दोनों क्षेत्रों में विशेष टीम बनाकर डेंगू के रोगियों की बेहतर ढ़ंग से स्वास्थ्य सुविधा सुलभ करायें। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 05-05 बेड और सदर हाॅस्पीटल में 20 बेड डेंगू के मरीजों के लिए सुरक्षित की गयी है।

जिलाधिकारी ने 60 दिनों के अन्दर सदर अस्पताल में सभी आवश्यक उपकरण एवं सभी शाखाओं को सुसज्जित करने का निर्देश दिये थे। जिसके तहत सभी काउन्टरों पर मे आई हेल्प यू का बोर्ड, ड्रेनेज सिस्टम, साइनेज, बिजली के तारों को गुणवत्ता के साथ लगाना और टूटे भवनों को मरम्मत कर रंग रोगन करने का निर्देश दिया गया था। दिये गए लक्ष्य के अनुरूप सभी कार्याें को 15 दिन के अन्दर पूर्ण करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिये।

सभी डाॅक्टरों को ड्रेस कोड पहनने का निर्देश दिया गया जिससे कि उनकी पहचान आसानी से हो सके। इसके अलावे नेम प्लेट के साथ आई कार्ड लगाने का निर्देश दिया गया। सदर हाॅस्पीटल में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को उत्कृष्टता के साथ कार्य करने के लिए विशेष प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया।

सभी सरकारी हाॅस्पीटल में बायोमेट्रिक हस्ताक्षर करने का सख्त निर्देश दिये। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देष दिया कि सरकार के गाइड लाइन का पालन करते हुए बायोमेट्रिक सिस्टम से संयुक्त करना सुनिष्चित करें। जो डाॅक्टर इसमें अपेक्षित सहयोग करते हैं उनको व्हाट्सअप ग्रुप और बेसिक फोन से उनके प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आने और जाने के समय का निगरानी करें। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि इसके लिए आॅपरेटर को भी विषेष प्रशिक्षण दें। जो डाॅक्टर इसका अनुपालन नहीं करेंगे उनकी उपस्थिति गोपनीय शाखा के माध्यम से निगरानी की जायेगी।

बैठक में संस्थागत प्रसव की समीक्षा की गयी। अकबरपुर प्रखंड के एमओआईसी के द्वारा लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने पर अनुषासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। यहां 92 आशा कार्यरत है। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को शत प्रतिशत करने के लिए सभी आशा को सक्रिय करें। जो आशा के द्वारा इसमें अपेक्षित कार्य नहीं किया जा रहा है, उन्हें चयनमुक्त करने का निर्देश दिये। अकबरपुर में मात्र 661 के लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 187 संस्थागत प्रसव कराया गया है जो मात्र 28 प्रतिसत है। मेसकौर एमओआईसी को 263 के विरूद्ध मात्र 84 संस्थागत प्रसव कराया गया है, जिसका प्रतिसत 32 है। जिलाधिकारी ने एमओआईसी का वेतन बंद करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिये। रजौली एमओआईसी के द्वारा 39 प्रतिसत संस्थागत प्रसव कराया गया। रजौली एमओआईसी को वेतन बंद करने की चेतावनी दी गयी। रोह पीएचसी में मात्र 43 प्रतिसत संस्थागत प्रसव कराया गया। वारिसलीगंज पीएचसी में 54 प्रतिसत संस्थागत प्रसव कराया गया है। नवादा 78 प्रतिसत, काषीचक 61 प्रतिसत, पकरीबरावां 53 प्रतिसत, वारिसलीगंज में 54 प्रतिसत संस्थागत प्रसव कराया गया। सभी एमओआईसी को 50 प्रतिसत से अधिक संस्थागत प्रसव कराने का निर्देष दो माह पहले दिया गया था। जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को सख्त निर्देश दिये कि जो आशा लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करती है उसे चयनमुक्त करना सुनिश्चित करें।

बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा ओपीडी की समीक्षा की गई। नवादा जिला में 01 लाख 55 हजार 846 रोगियों का ईलाज ओपीडी के माध्यम से किया गया। ओपीडी में सबसे खराब परफाॅर्मेंस सिरदला (47 प्रतिसत) मेसकौर (41 प्रतिसत), रोह (41 प्रतिषत) और पकरीबरावां (48 प्रतिसत) का है, जबकि सर्वाधिक नरहट (112 प्रतिसत), काषीचक (110 प्रतिसत), हिसुआ (94 प्रतिसत) और नवादा (92 प्रतिसत) ओपीडी में रोगियों का ईलाज किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी हाॅस्पीटल में आने वाले सभी रोगियों का बेहतर ईलाज एवं निःशुल्क दवा का वितरण ससमय करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सभी एमओआईसी को निर्देश दिया गया कि अपने-अपने अस्पताल में प्रतिनियुक्त सभी डाॅक्टरों की उपस्थिति शत-प्रतिशत कराना सुनिश्चित करें।

आज की बैठक में डाॅ0 बीपी सिंहा एसीएमओ, डाॅ0 अषोक कुमार डीआईओ, डाॅ0 चक्रवर्ती, श्री सत्येन्द्र प्रसाद जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी, अमित कुमार डीपीएम के साथ-साथ सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक आदि उपस्थित थे।

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