नौवागढ़ी की जानता ने की,मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की मांग - News Point Hindi
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नौवागढ़ी की जानता ने की,मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की मांग

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मुंगेर सदर / बिहार : बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए जिला प्रशासन के द्वारा पूर्व में चयनित किए गए।नौवागढ़ी मौजा के बदले अब बाढ़ प्रभावित इंद्ररूख भलार बहियार की जमीन पर अस्पताल निर्माण के लिए कवायद की जा रही है, जोकि किसी भी मायने में उचित नजर नहीं आ रहा है। नौवागढ़ी मौजा के बदले बाढ़ प्रभावित इंद्ररूख – भलार बहियार में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए चयनित की गई भूमि को एक साजिश का हिस्सा नौवागढी क्षेत्र के लोग मान रहे हैं। सामाजिक संगठनों तथा पंचायत प्रतिनिधियों के बीच मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए चयनित किए जा रहे।भूमि का मुद्दा क्षेत्र में अब गरमाने लगा है। सामाजिक संगठनों तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से नौवागढ़ी मौजा में पहले चयनित किए गए भूमि पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण कराया जाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे। ऐसा इसलिए कि नौवागढ़ी मौजा की भूमि फोरलेन तथा एनएच 80 से कनेक्टेड है। जबकि इंद्ररूख – भलार बहियार की जमीन बाढ़ प्रभावित है तथा फोरलेन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से काफी दूर भी है। बताते चलें कि 08 माह पूर्व जिला प्रशासन के द्वारा कंतपुर और गढ़ीरामपुर के बीच नौवागढ़ी मौजा में 30 एकङ भूमि की सरकारी मापी सीओ सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों की मौजूदगी में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए कराया गया था। बताया जाता है कि 30 एकड़ भूमि के अलावा भी उक्त स्थल के आसपास लगभग 05 एकङ अतिरिक्त जमीन भी उपलब्ध है। जबकि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए जिला प्रशासन को मात्र 27 से 28 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। अंचल कार्यालय के द्वारा जिला प्रशासन को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए भूमि का ब्यौरा भी उपलब्ध कराया गया था। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित इंद्ररूख भलार बहियार की जमीन पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण की कवायद कर रही है। सूत्रों की मानें तो बाढ़ प्रभावित इंद्ररूख भलार मौजा की जिस भूमि की मापी जिला प्रशासन के द्वारा की गई है, वहां मात्र 24 से 25 एकड़ ही जमीन उपलब्ध हो पा रही है। वह भी बाढ़ प्रभावित। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन हुक्मरानों के दबाव में आकर नौवागढ़ी क्षेत्र के बदले बाढ़ प्रभावित इंद्ररूख भलार – बहियार में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए भूमि का चयन कर सरकार को प्रस्ताव भेजी है। उल्लेखनीय हो कि नौवागढ़ी मौजा के बदले इंद्ररूख भलार मौजा की जमीन अधिक महंगी है।जबकि नौवागढ़ी मौजा की जमीन सस्ते कीमत पर सरकार को उपलब्ध हो सकती है। इसके बावजूद भी ना जाने किस कारण से जिला प्रशासन इंद्ररूख भलार मौजा में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए भूमि का चयन किया है, यह लोगों को हजम नहीं हो पा रहा है। नौवागढ़ी क्षेत्र वासियों का कहना है कि आवश्यकता से अधिक जमीन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए नौवागढ़ी मौजा में उपलब्ध है, वहीं दूसरी ओर इंद्ररुख भलार मौजा में पर्याप्त मात्रा में जमीन उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा इंद्ररूख भलार बहियार की जमीन बाढ़ प्रभावित है। बाढ़ एवं बरसात के दिनों में यह क्षेत्र जलमग्न रहता है। जो कि किसी भी सूरत में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए उचित नहीं है। इस बाबत पूछे जाने पर मुंगेर के विधायक प्रणव यादव ने बताया कि उनकी मौजूदगी में नौवागढ़ी मौजा में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण के लिए भूमि का मापी कराया गया था। इस मुद्दे पर डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक उन्होंने कई दफा बात की, लेकिन कोई ठोस जवाब अब तक नहीं मिला है। इधर नौवागढ़ी दक्षिणी पंचायत की पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रीति कुमारी, क्षेत्रीय विकास मंच नौवागढी के अध्यक्ष सह सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत विधार्थी, जिला परिषद सदस्य निवास मंडल, नौवागढ़ी दक्षिणी पंचायत की मुखिया प्रमिला देवी, नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत की मुखिया नविता कुमारी, तारापुर दियारा पंचायत की मुखिया अनीता देवी, हमारा सामाजिक संगठन नौवागढ़ी के संस्थापक अध्यक्ष प्रीतम कुमार, अखिल भारतीय अंबेदकर सेवा समिति के अध्यक्ष रंजीत पासवान सहित आदि सामाजिक संगठनों तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से नौवागढ़ी मौजा में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण कराए जाने का मांग किया है।

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